H₂ टैंकफ्यूल सेलबैटरीमोटर
ऊपर टूटी लाइन ओवरहेड तार है, जिसकी जरूरत नहीं। नीचे नीली बूंदें निकलने वाला पानी दिखाती हैं।
हाइड्रोजन स्टोरेज
टैंक में हाइड्रोजन करीब 350 बार के हाई प्रेशर पर भरी जाती है। ट्रेन कुल 440 किलो लेकर चलती है।
फ्यूल सेल तक गैस
टैंक से हाइड्रोजन गैस फ्यूल सेल में भेजी जाती है। इस सिस्टम का दिल कनाडा की कंपनी बैलार्ड का फ्यूल सेल है।
केमिकल रीएक्शन
फ्यूल सेल में हाइड्रोजन और छत से आई ऑक्सीजन की रीएक्शन से बिजली और पानी बनते हैं। न धुआं, न कार्बन।
2H₂ + O₂2H₂O+ बिजली
बैटरी में स्टोर
बनी हुई बिजली का एक हिस्सा बैटरी में स्टोर होता है और जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल होता है।
इलेक्ट्रिक मोटर चलती है
फ्यूल सेल और बैटरी से मिली बिजली मोटर को चलाती है। ओवरहेड तार से बिजली खींचने की जरूरत नहीं।