समुद्र मंथन: एक कुएं से पता नहीं चलता कि तेल कितना है
सैंपल से पता चलता है कि तेल-गैस है, पर कितना है, यह नहीं।
तेल-गैस खोजने के तीन स्टेप:
- स्टेप 2, खोज का कुआं: ड्रिल शिप जैसी मोबाइल ड्रिलिंग यूनिट कुआं खोदती है। राइजर पाइप से आए सैंपल से तेल-गैस की मौजूदगी पता चलती है, कुल रिजर्व नहीं। कुएं के मुंह पर ब्लोआउट प्रिवेंटर रिसाव होने पर छेद सील करता है।
- स्टेप 3, अप्रेजल कुएं: अलग-अलग जगह और कुएं खोदकर रिजर्व, क्वालिटी, दबाव और गहराई परखी जाती है, ताकि तय हो कि तेल निकालना फायदे का सौदा है या नहीं।
- स्टेप 4, प्रोडक्शन: रिजर्व पर्याप्त हो तो प्लेटफॉर्म बनता है। कुएं में स्टील की केसिंग लगती है, प्रोडक्शन ट्यूब से तेल निकलता है और पाइपलाइन से तट तक जाता है।
स्टेप 2, खोज का कुआं: सैंपल से पता चलता है कि तेल-गैस है, पर कितना है, यह नहीं।
चित्र प्रतीकात्मक; कुओं की संख्या रिपोर्ट में नहीं। खुदाई सबसे महंगा और जोखिम भरा काम है। स्रोत: भास्कर एक्सप्लेनर, 2 अगस्त 2026