भास्कर एक्सप्लेनर · भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन/17 जुलाई 2026

पेट्रोलियम-बिजली छोड़, हाइड्रोजन क्यों बन सकता है अगला ईंधन; आज भारत में लॉन्च

17 जुलाई को जींद स्टेशन से भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन चली — जींद से सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर, 2600 यात्री क्षमता, और धुएं की जगह सिर्फ पानी। इन आठ विजेट्स में उसी रिपोर्टिंग के आंकड़े हैं: ट्रेन के अंदर का सिस्टम, हाइड्रोजन का महंगा हिसाब, बनाने के तीन तरीकों का कार्बन, ढाई सौ साल के ग्यारह पड़ाव, एक दिन के चार फेरों का ईंधन, टैंक का दबाव, पानी से हाइड्रोजन तक का रसायन, और आगे के दो रास्ते।

लेखक: आदित्य द्विवेदी

8

Interactive widgets

W01/powertrain-chain

न डीजल, न ओवरहेड तार

कटअवे में H₂ टैंक, बैलार्ड का फ्यूल सेल, बैटरी और इलेक्ट्रिक मोटर एक साथ दिखते हैं। पांचों पड़ाव चुनकर देखिए बिजली कहां बनती है और पानी कहां से निकलता है।

Open responsive preview
W02/fuel-exchange-rate

50 यूनिट बिजली, ताकत कितनी?

एक किलो हाइड्रोजन बनाने में करीब 50 यूनिट बिजली जाती है। मापक पर अपना अंदाजा दर्ज कीजिए, फिर रिपोर्ट का 3.5 लीटर का जवाब उसी पैमाने पर देखिए।

Open responsive preview
W03/hydrogen-colours

ग्रे, ब्लू, ग्रीन — कार्बन कहां जाती है

दुनिया की करीब 90% हाइड्रोजन प्राकृतिक गैस से बनती है। तीनों चेन एक साथ देखिए और हर तरीके का कार्बन ट्रेस कीजिए — हवा में, जमीन में, या कहीं नहीं।

Open responsive preview
W04/history-rail

ढाई सौ साल के ग्यारह पड़ाव

कैवेंडिश की खोज से जींद स्टेशन तक। ग्यारह पड़ाव एक साथ, जिनमें दो बार हाइड्रोजन पीछे धकेली गई — 1937 का हिंडनबर्ग हादसा और 2024 में जर्मनी का पीछे हटना।

Open responsive preview
W05/four-trips-tank

रोज कितना ईंधन?

89 किमी का रूट, रोज दो राउंड ट्रिप। ट्रेन को चारों फेरों पर खिसकाइए और देखिए कि 356 किमी में करीब 300 किलो हाइड्रोजन खर्च होने के बाद टैंक में कितनी बचती है।

Built with Opus 5.5, xhigh effort

Open responsive preview
W06/storage-pressure

350 गुना दबाव

एक टैंक, 500 बिंदु, हर बिंदु 1 बार यानी साधारण हवा का दबाव। हवा, ट्रेन के टैंक और स्टोरेज की 200 से 500 गुना जरूरत की तुलना कीजिए।

Built with Opus 5.5, xhigh effort

Open responsive preview
W07/water-born-element

जोड़ी में रहता ईंधन

पीरियोडिक टेबल का नंबर 1 तत्व धरती पर ज्यादातर पानी में बंधा मिलता है। पानी में करंट दौड़ाइए और देखिए कि जोड़ी टूटने पर भी हाइड्रोजन अकेला नहीं रहता।

Built with Opus 5.5, xhigh effort

Open responsive preview
W08/after-jind-junction

जींद के बाद किधर?

प्रयोग कामयाब रहा तो कालका-शिमला जैसे पहाड़ी रूट, नाकाम या महंगा रहा तो जर्मनी की तरह दूरी। कांटा बदलकर दोनों रास्ते देखिए।

Built with Opus 5.5, xhigh effort

Open responsive preview